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एक्सप्लेनर: 'वंदे मातरम' से 'आत्मनिर्भर भारत' तक: जानें 77वां गणतंत्र दिवस क्यों खास है?

  
  
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  रिपब्लिक डे 2026- भारत का 77वां रिपब्लिक डे सिर्फ़ एक नेशनल इवेंट नहीं है, बल्कि देश की ऐतिहासिक यात्रा और भविष्य के विज़न का प्रतीक है। इस साल, रिपब्लिक डे 2026 को कर्तव्य पथ पर बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है, क्योंकि इस बार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के भी 150 साल पूरे हो रहे हैं। यह इवेंट भारत के आज़ादी की लड़ाई से लेकर आत्मनिर्भरता तक के सफ़र को दिखाता है। इस बार परेड के दौरान राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को समर्पित एक खास श्रद्धांजलि भी दी जाएगी, जो देशभक्ति की भावना को और मज़बूत करेगी। 'वंदे मातरम' की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी और यह 1905 के स्वदेशी आंदोलन के दौरान ब्रिटिश राज के ख़िलाफ़ संघर्ष की आवाज़ बन गया था। इसे पहली बार 1882 में 'आनंदमठ' नॉवेल में पब्लिश किया गया था। रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार 1896 में इंडियन नेशनल कांग्रेस के सेशन के दौरान गाया था। इस गीत ने देश को माँ के रूप में पेश करके त्याग और देशभक्ति की भावना जगाई। इसे 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने राष्ट्रगान का दर्जा दिया था। इस साल, संस्कृति मंत्रालय की झांकी 'वंदे मातरम' की मूल पांडुलिपि से लेकर इसके बनने तक की ऐतिहासिक यात्रा को दिखाएगी।
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