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अदालतों को अस्पतालों की तरह 24 घंटे काम करना चाहिए: चीफ जस्टिस

  
  
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  भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने ज्यूडिशियरी में बड़े सुधारों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है और कहा है कि अब समय आ गया है कि ज्यूडिशियरी अस्पतालों की तरह 24 घंटे काम करने वाला एक सिस्टम बनाए, ताकि आम आदमी की तकलीफ़ कम हो और उन्हें तुरंत राहत मिल सके। चीफ जस्टिस ने यह बात मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म को जोड़ने पर आयोजित एक प्रोग्राम के दौरान कही। उन्होंने हाई कोर्ट के नए बनाए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट में समय की बर्बादी रोकने के लिए टेक्नोलॉजी ही एकमात्र असरदार उपाय है। उन्होंने न्याय की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मज़बूत करने की बात कही। चीफ जस्टिस के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मामलों के तेज़ी से निपटारे के लिए AI के इस्तेमाल पर एक स्पेशल कमेटी भी बनाई है। कोविड-19 महामारी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी टेक्नोलॉजी की वजह से ही मुश्किल समय में भी भारतीय कोर्ट बंद नहीं हुए, जिसकी पूरी दुनिया में तारीफ़ हुई।
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