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अमेरिका का सहयोगी या ईरान का मददगार? पाकिस्तानी सेना प्रमुख की भूमिका पर उठे सवाल।

  
  
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  फॉक्स न्यूज़ की हालिया रिपोर्ट और अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ट्रंप प्रशासन के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। इसका मुख्य कारण वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारियों के साथ उनके पुराने और करीबी संबंध बताए जा रहे हैं। फॉक्स की रिपोर्ट ने मुनीर को ट्रंप प्रशासन के लिए एक संभावित "रेड फ्लैग" (खतरे का संकेत) बताया है, क्योंकि ईरानी नेतृत्व के साथ उनके गहरे संबंध हैं। रिटायर्ड पाकिस्तानी जनरल अहमद सईद ने फॉक्स न्यूज़ डिजिटल को बताया कि मुनीर के ईरान के उच्च-रैंकिंग अधिकारियों के साथ निजी संबंध हैं, जिनमें मारे गए कुद्स फोर्स के कमांडर कासिम सुलेमानी और IRGC कमांडर हुसैन सलामी शामिल हैं। ये संबंध अब जांच के दायरे में हैं, क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से मुनीर की तारीफ की है और उन्हें अपना पसंदीदा फील्ड मार्शल बताया है, लेकिन इंटेलिजेंस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उनकी यह दोहरी भूमिका अमेरिकी हितों को खतरे में डाल सकती है। फॉक्स की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि पाकिस्तान का इतिहास एक धोखेबाज सहयोगी (खासकर अफगानिस्तान में) का रहा है। इसीलिए ईरान के साथ उसका करीबी तालमेल अब अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज़ (FDD) के बिल रोगियो ने फॉक्स न्यूज़ से कहा, "ट्रंप को पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान अफगानिस्तान में एक धोखेबाज 'सहयोगी' साबित हुआ... ईरानी सेना के साथ मुनीर के संबंध ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा खतरा हैं।"
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