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पंजाब समाचार: मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे अटके; बीसवें दिन भी परविंदर झोटे का अंतिम संस्कार नहीं किया गया

  एंटी ड्रग टास्क फोर्स के प्रमुख नेता परविंदर सिंह झोटा का 20वें दिन भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। इसके अलावा गांव भम्मे कलां के युवक दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार का मामला भी उलझ गया है। छठे दिन दलजीत सिंह के परिवार ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया, जबकि परविंदर झोटा की दाह संस्कार समिति और परिवार मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे.


20वें दिन भी मानसा के तिराहा चौक पर धरना जारी रहा और 5 नवंबर को मुख्यमंत्री की संगरूर कोठी का घेराव करने की योजना बनाई गई. धरने को संबोधित करते हुए परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि बेशक इस संघर्ष और आंदोलन में महीनों लग सकते हैं, लेकिन मांगें पूरी हुए बिना वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि भम्मे कलां और राज्य भर में पोस्टर फाड़ने के आरोप में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किए गए युवाओं को पुलिस रिहा करे और सभी मामले रद्द करे. इसके बाद ही वे सरकार से कोई बातचीत करेंगे, अन्यथा उनका सरकार से कोई संपर्क नहीं रहेगा.

दलजीत के परिवार ने हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है. दलजीत की बहन अमरजीत कौर ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच, पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है, जिस पर कल 2 नवंबर को सुनवाई होगी. उन्होंने कहा कि पुलिस ने दलजीत का शव ले लिया है और उन्हें अंतिम संस्कार से रोक दिया है.

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