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ईरान-इजरायल संघर्ष का तेल पर असर: तेल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल की खरीद को मंज़ूरी दी।

  ईरान-इजरायल संघर्ष का तेल पर असर: ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण विश्व बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका ने एक अहम फ़ैसला लिया है। ट्रंप प्रशासन ने दूसरे देशों को भी रूसी तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति दे दी है, जो फ़िलहाल समुद्र में जहाज़ों के ज़रिए सप्लाई के लिए फंसा हुआ है।

यह ज़िक्र करना ज़रूरी है कि इससे पहले, अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने के लिए सिर्फ़ भारत को ही विशेष छूट दी थी, ताकि 28 फ़रवरी को शुरू हुए युद्ध के कारण तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को नियंत्रित किया जा सके। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया के ज़रिए इस बात की पुष्टि की और कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में स्थिरता लाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।

बेसेंट के अनुसार, यह छूट बहुत ही सीमित समय के लिए है और यह सिर्फ़ उस तेल पर लागू होगी जो पहले से ही रास्ते में है। उन्होंने साफ़ किया कि इस फ़ैसले से रूसी सरकार को कोई बड़ा आर्थिक फ़ायदा नहीं होगा, क्योंकि रूस को तेल से होने वाली असली कमाई तेल निकालने के समय लगाए जाने वाले टैक्स से होती है। अमेरिकी प्रशासन का मानना ​​है कि यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम लोगों को तेल की ऊंची कीमतों से राहत देने के लिए उठाया गया है।

जानकारों का कहना है कि जब तक ईरान के साथ चल रहे युद्ध का कोई पक्का हल नहीं निकल जाता, तब तक तेल की सप्लाई बनाए रखना अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।
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